दुबई: इजरायल ने शुक्रवार को ईरान पर हमलों की एक लहर शुरू की है। यह हमला ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक से ठीक पहले हुआ है। फिलहाल, ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक गतिरोध बना हुआ है जिससे मध्य पूर्व में तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका बनी हुई है। इस बीच इजरायल की ओर से यह भी कहा गया है कि वह ईरान के हथियार उत्पादन केंद्रों पर अपने हमलों को और तेज करेगा।
ईरान की ओर से जारी हैं हमले
तेहरान पर हमलों के बीच बेरूत के आसमान में भी धुआं देखा गया है। हालांकि, इजरायल ने यह पुष्टि नहीं की है कि उसने लेबनान की राजधानी पर हमला किया है या नहीं। वहीं, इजरायल में हवाई हमले के सायरन सुने गए हैं। सेना ने बताया कि वह ईरान से आने वाली मिसाइलों को रोकने के लिए काम कर रही है। ईरान ने अपने खाड़ी अरब पड़ोसियों पर हमले जारी रखे हैं। कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात दोनों जगहों पर ईरान से आने वाले ड्रोन और मिसाइलों की सूचना मिली है।
अमेरिका बढ़ा रहा सैनिकों की संख्या
एक तरफ जहां कूटनीतिक प्रयास जारी रहे तो वहीं अमेरिकी जहाजों का एक समूह लगभग 2,500 मरीन सैनिकों के साथ इस क्षेत्र के करीब पहुंचा है। इसके अलावा, 82वीं एयरबोर्न के कम से कम 1,000 पैराट्रूपर्स - जिन्हें दुश्मन के इलाके में उतरकर महत्वपूर्ण क्षेत्रों और हवाई अड्डों को सुरक्षित करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है - को भी इस क्षेत्र में जाने का आदेश दिया गया है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
जंग शुरू होने के बाद से ईरान में 1,900 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इजरायल में 18 लोगों की मौत हुई है, जबकि लेबनान में कम से कम 3 इजरायली सैनिक भी मारे गए हैं। जंग के बीच कम से कम 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। कब्जे वाले वेस्ट बैंक में 4 और खाड़ी के अरब देशों में 20 लोगों की भी मौत हुई है। अधिकारियों ने बताया कि लेबनान में 1,100 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
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